पप्पा 😘
हाँ कदम मेरे छोटे थे,
तो लंम्बी दूरी कंधे पर तय हो जाती थी,
बिस्तर दूर था,
तो नींद गोध में ही लग जाती थी,
भाषा जाने मेरी क्या थी,
पर जवाब सब पा जाती थी,
पप्पा मेरी इन यादों की खुशबू,
आपके सीने से ही आती है।
समुंदर में इतना पानी नहीं,
जितना प्यार आपमे समाया है,
मेरे संसार में तरावट,
आपके हृदय से ही तो आया है,
चाहे कद में कितनी भी छोटी हूँ,
पर आपको पाके खुदको हमेशा बड़ा पाया है।
सर्दी में ठंड की फिक्र नहीं,
गर्मी में भी आराम पाया है,
पप्पा मेरे है तो जीवन में,
हर सुकून पाया है।
आज भी नहीं समझी,
किये थे क्या पुण्य,
जो आपको पाया है,
इस लायक ना थी फिर भी आपके कारण,
इन माँ-बाऊजी को पाया है,
करु हर बार वो कार्य,
जीसके कारण,
पिता के रूप में मैंने,
आप, पुरुस्कार पाया है।
💝 पिताश्री
चारुलता
हाँ कदम मेरे छोटे थे,
तो लंम्बी दूरी कंधे पर तय हो जाती थी,
बिस्तर दूर था,
तो नींद गोध में ही लग जाती थी,
भाषा जाने मेरी क्या थी,
पर जवाब सब पा जाती थी,
पप्पा मेरी इन यादों की खुशबू,
आपके सीने से ही आती है।
समुंदर में इतना पानी नहीं,
जितना प्यार आपमे समाया है,
मेरे संसार में तरावट,
आपके हृदय से ही तो आया है,
चाहे कद में कितनी भी छोटी हूँ,
पर आपको पाके खुदको हमेशा बड़ा पाया है।
सर्दी में ठंड की फिक्र नहीं,
गर्मी में भी आराम पाया है,
पप्पा मेरे है तो जीवन में,
हर सुकून पाया है।
आज भी नहीं समझी,
किये थे क्या पुण्य,
जो आपको पाया है,
इस लायक ना थी फिर भी आपके कारण,
इन माँ-बाऊजी को पाया है,
करु हर बार वो कार्य,
जीसके कारण,
पिता के रूप में मैंने,
आप, पुरुस्कार पाया है।
💝 पिताश्री
चारुलता
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